October 30, 2020

पर्यावरण संरक्षण आधुनिक युग की पहली प्राथमिकता होना चाहिए: जिलाधिकारी

:

जिलाधिकारी आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने समिति के उन सदस्यों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए कि क्यों न उन सदस्यों का एक दिन का वेतन काट लिया जाए जो बिना अनुमति प्राप्त किए समिति की बैठक में नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्तर के अधिकारी, जो समिति के सदस्य हैं, उन्हें प्रत्येक दशा में समिति की बैठक में उपस्थित रहना होगा। कुछ अधिकारी अपने प्रतिनिधि को भेज देते हैं, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
श्री नितीश कुमार ने कहा कि जिले में कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में आधुनिक तरीकों को अपनाते हुए कार्य करना होगा साथ ही वेस्ट मैनेजमेंट के लिए निर्धारित नियमावली का भी अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जैसे कि रेलवे को कचरे के सम्बंध में अमुक विभाग ने कोई पत्र भेजा, तो उसे किसने रिसीव किया और वह पत्र रेलवे के सक्षम अधिकारी को भेजा गया भी है या केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए पत्र भेज दिया गया है, इसमें अंतर है। इसी तरह के अन्य उदाहरण भी मिलते हैं। इस तरह के आचरण से कोई भी कार्य सफल नहीं हो सकता। उन्होंने अपशिष्ट प्रबंधन के सम्बंध में नगर पंचायतों तथा नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारियों को भी नोटिस भेजने के निर्देश दिए और कहा कि पूरे जनपद में इस सम्बंध में जो भी कार्य हो रहे हैं, उनकी अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
जिलाधिकारी ने प्लास्टिक तथा ई वेस्ट के डिस्पोज़ल के लिए मानकों अनुसार कार्रवाई करने इस कार्य में सतर्कता को प्राथमिकता देने के निर्देश देने के साथ ही जिले में वृृक्षारोपण की स्थिति की भी समीक्षा की और सभी जनपदों को अपने अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। अगले माह मार्च तक पौधों को लगाने के लिए गडढों की खुदाई का कार्य अवश्य सम्पन्न करा लिया जाए। उन्होंने जिला वन अधिकारी से यह भी कहा कि वृृक्षारोपण के लिए कम से कम तीन फिट की पौध की सप्लाई की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री चंद्र मोहन गर्ग, अपर जिला अधिकारी श्री वीके सिंह के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

: