हल्द्वानी: श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा श्री गुरु नानक देव जी का 556वाँ प्रकाश पर्व

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

हल्द्वानी में प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व काफी श्रद्धा और आस्था के साथ आगमी 5 नवंबर को विशाल कीर्तन दरबार के साथ बनाया जाएगा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते हुए बताया कि इस गुरु पर्व को समर्पित 29 नवंबर से 3 नवंबर प्रातः शहर के भिन्न-भिन्न गुरुद्वारों के लिए प्रभात फेरिया गुरबाणी गायन करते हुए प्रस्थान करेंगी 4 नवंबर को शाम 7:00 से रात 10:00 बजे तक धार्मिक दीवान सजाए जाएंगे और 5 नवंबर को रामलीला ग्राउंड स्थित विशाल पंडाल लगाकर प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व काफी भव्यता और पवित्रता के साथ कीर्तन समागम का आयोजन कराया जाएगा जिसमें पंथ के महान कथावाचक कीर्तनीय, ग्रंथी सिंह कथा विचार और गुरबाणी विचार करेंगे ।इसके उपरांत विशाल लंगर का भी आयोजन होगा जिसमें समूह साथ संगत और श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ लंगर को ग्रहण करेंगे जैसा की कार्तिक पूर्णिमा पर गुरु नानक जी सिख धर्म के संस्थापक और सिखों के सबसे पहले गुरु थे एक महान दार्शनिक, समाज सुधारक, धर्म सुधारक, सच्चा देशभक्त और योगी के रूप में आज भी गुरु जी को याद किया जाता है. ईश्वर के प्रति गुरु नानक जी का समर्पण काफी ज्यादा था.गुरु नानक देव जी ने 3 महत्वपूर्ण बातें बताईं, जिसमें हर सिख व्यक्ति को अनुसरण करना जरूरी है. हर सिख को नाम जप करना, कीरत करना और वंड चखना आवश्यक है. इसका अर्थ है ईमानदारी और मेहनत से अपना काम करें और सत्य के पथ पर चलें. आप ने जो कुछ भी हासिल किया है, उसका मिल बांटकर आनंद लें. अपनी कमाई का एक हिस्सा गरीबों को दान या सामाजिक विकास में लगाएं गुरुनानक देव जी ने समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाने का कार्य किया थी. इसी वजह से गुरु नानक जयंती को प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाया जाता है. और गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर कुछ समर्पित देश के समस्त गुरुद्वारों में इस दिन भक्ति और सेवा का संगम चलता है. गुरु नानक जी के दी शिक्षाओं पर चलने का प्रण लिया जाता है इस मौक़े पर सरपरस्त स अमरजीत सिंह बिंद्रा मुख्य सेवादार वीरेंद्र सिंह चड्ढा, जसपाल सिंह कोहली, रणजीत सिंह नागपाल, हरजीत सिंह सच्चर, हरविंदर सिंह कुकरेजा , प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा, अमरजीत सिंह सेठी ,जसपाल सिंह मालदार, चरणजीत सिंह बिंद्रा सनी आनंद आदि उपस्थित रहे

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