फेसबुक से शुरू हुई दोस्ती ने खोला फर्जी पहचान का जाल, बांग्लादेशी युवक और उसकी साथी महिला गिरफ्तार

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

देहरादून मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के विशेष अभियान ऑपरेशन कालनेमि के तहत दून पुलिस ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी पहचान बनाकर अवैध रूप से भारत में रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि यह युवक देहरादून में एक क्लब में भारतीय नाम-परिचय पर बाउंसर की नौकरी करता था, जबकि उसकी सहायता करने वाली महिला जो खुद को उसकी पत्नी बताकर रह रही थी भी पुलिस की गिरफ्त में आ गई है। दोनों ने मिलकर फर्जी दस्तावेजों का ऐसा जाल तैयार किया था, जिससे युवक भारत में आराम से रह रहा था। दून पुलिस और एलआईयू टीम को 20 नवंबर को सूचना मिली थी कि नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में एक संदिग्ध पुरुष और महिला अवैध रूप से निवास कर रहे हैं। दोनों को हिरासत में लिया गया तो युवक ने अपना वास्तविक नाम ममून हसन, निवासी मेहरपुर, बांग्लादेश बताया, जबकि महिला ने अपना नाम रीना चौहान, निवासी त्यूणी, देहरादून बताया। सख्त पूछताछ में खुलासा हुआ कि रीना ने ही ममून के लिए अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम पर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान पत्र बनवाए और दोनों पति-पत्नी बनकर भारत में रह रहे थे। जांच में सामने आया कि ममून और रीना की पहचान फेसबुक के माध्यम से हुई थी। ममून 2019, 2020 और 2021 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया और देहरादून में रीना के साथ रहा। बाद में दोनों अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर बांग्लादेश गए, जहां दोनों ने निकाह किया। इसके बाद वे 2022 में दोबारा अवैध तरीके से भारत लौट आए और देहरादून के अलग-अलग हिस्सों में किराये पर रहने लगे। इस दौरान ममून ने फर्जी पहचान के आधार पर देहरादून के एक क्लब में बाउंसर की नौकरी भी कर ली।दून पुलिस ने दोनों के पास से कई फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि रीना ने अपने कुछ परिचितों की मदद से ममून के फर्जी दस्तावेज तैयार कराए थे। फर्जी आईडी बनवाने में शामिल अन्य लोग भी पुलिस की रडार पर हैं, जिनके खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई की जाएगी।ऑपरेशन कालनेमि के तहत अब तक 16 बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें से 9 को डिपोर्ट किया गया है जबकि 7 को जेल भेजा गया है। ममून और रीना के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, साजिश रचने, पासपोर्ट व विदेशी अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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