उत्तराखंड में मंत्रियों के ठाठ, सरकारी खजाने की खुली लूट_जनता बेहाल : हेमंत साहू

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

देहरादून।

उत्तराखंड सरकार द्वारा मंत्रियों के यात्रा भत्ते की सीमा में की गई बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमंत साहू ने इस फैसले पर कड़ा आक्रोश जताते हुए इसे आम जनता के साथ अन्याय और सरकारी खजाने की “खुली लूट” करार दिया है प्रेस को जारी बयान में हेमंत साहू ने कहा कि धामी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो चुकी है। प्रदेश आज कर्ज, महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पलायन जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन सरकार को इन मुद्दों से ज़्यादा चिंता अपने मंत्रियों की सुविधाएं बढ़ाने की है उन्होंने कहा कि मंत्रियों के आवागमन पर होने वाले खर्च की सीमा को 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 90 हजार रुपये प्रतिमाह करना न सिर्फ असंवेदनशील है, बल्कि आम जनता की पीड़ा का मज़ाक उड़ाने जैसा है। साहू के मुताबिक, जब राज्य की विधवा महिलाएं, तलाकशुदा महिलाएं, दिव्यांगजन और बुजुर्ग आज भी महज 1500 रुपये की पेंशन में महंगाई के इस दौर में जीवन यापन करने को मजबूर हैं, तब मंत्रियों पर हर महीने लाखों रुपये खर्च करना सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर करता है हेमंत साहू ने सवाल उठाया कि अगर सरकार के पास अतिरिक्त संसाधन हैं, तो उनका उपयोग पेंशन बढ़ाने, युवाओं को रोजगार देने और पलायन रोकने में क्यों नहीं किया जा रहा? उन्होंने कहा कि जनहित की योजनाओं की अनदेखी कर अपने नेताओं और मंत्रियों पर धन लुटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और जनता के विश्वास के साथ धोखा है युवा कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपनी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं किया और जनकल्याण को प्राथमिकता नहीं दी, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने मांग की कि मंत्रियों के यात्रा भत्ते में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लिया जाए और कमजोर वर्गों की पेंशन व सुविधाओं में सम्मानजनक इज़ाफा किया जाए यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी को लेकर जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है, और सरकार के फैसले लगातार सवालों के घेरे में हैं।

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