दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे भूमि विवाद से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। जी हाँ, ये मामला मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने सूचीबद्ध है और सुनवाई की सूची में इसे तीसरे नंबर पर रखा गया है। ऐसे में 9 सितंबर की सुनवाई को काफी अहम माना जा रहा है और इस दिन मामले में आगे की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है दरअसल, पिछले करीब दो महीनों से इस मामले की सुनवाई के लिए तारीखें तय होती रही थीं, लेकिन मुकदमा सूची में काफी नीचे होने के कारण सुनवाई नहीं हो पा रही थी। इसके बाद रेलवे और उत्तराखंड सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई का अनुरोध किया गया अब 9 सितंबर को मामले की सुनवाई प्राथमिकता के साथ होने जा रही है। मामला संवेदनशील होने के चलते गृह विभाग ने जिला प्रशासन और पुलिस को भी सुनवाई वाले दिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने के निर्देश दिए हैं आपको बता दें कि बनभूलपुरा और गफूरबस्ती क्षेत्र में रेलवे भूमि पर कथित अतिक्रमण का विवाद कई सालो से अदालतों में चल रहा है। रेलवे लगातार संबंधित जमीन को अपनी संपत्ति बताता रहा है, जबकि प्रभावित लोगों की ओर से लंबे समय से वहां निवास करने और नगरपालिका रिकॉर्ड, टैक्स भुगतान समेत कई दस्तावेजों का हवाला दिया जाता रहा है।जनवरी 2023 में नैनीताल हाईकोर्ट के रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए कहा था कि बड़ी संख्या में लोगों को अचानक बेघर नहीं किया जा सकता। इसके बाद 24 जुलाई 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने प्रभावित लोगों के पुनर्वास की योजना तैयार करने पर जोर दिया था लेकिन रेलवे की ओर से दाखिल हलफनामे में कथित तौर पर कहा गया है कि उसके पास अतिक्रमणकारियों के पुनर्वास या मुआवजे के लिए कोई नीति नहीं है। अब 9 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। इस सुनवाई में मामले को लेकर आगे की कानूनी दिशा और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट हो सकती है।


