कुमाऊं के पांचों नगर निगमों में कानून की अनदेखी, साल में 6 बैठकों का प्रावधान सिर्फ कागजों में

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दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

काशीपुर। नगर निगम अधिनियम में जहां नगर निगमों की वास्तविक सत्ता पार्षदों में निहित बताई गई है और निगम संचालन के लिए नियमित बैठकों को अनिवार्य किया गया है, वहीं कुमाऊं के सभी पांचों नगर निगम इस व्यवस्था का पालन करने में पूरी तरह विफल नजर आ रहे हैं। नियमों के अनुसार वर्ष में न्यूनतम छह नगर निगम बोर्ड बैठकों और प्रत्येक दो माह में एक बैठक का प्रावधान है, लेकिन हकीकत यह है कि कहीं दो तो कहीं तीन बैठकों में ही पूरे साल का काम निपटा दिया गया। यह सनसनीखेज खुलासा सूचना अधिकार (RTI) के तहत सामने आया है।

RTI Documents Expose Reality of Municipal Governance: काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता और अधिवक्ता नदीम उद्दीन ने कुमाऊं के सभी नगर निगमों के लोक सूचना अधिकारियों से 1 जनवरी 2025 से सूचना उपलब्ध कराने की तिथि तक आयोजित नगर निगम/बोर्ड बैठकों की जानकारी, उनके कार्यवृत्त (मिनट्स) सहित मांगी थी। इसके जवाब में जो दस्तावेज उपलब्ध कराए गए, उन्होंने नगर निगमों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

काशीपुर नगर निगम: पूरे साल में सिर्फ दो बैठकें

लोक सूचना अधिकारी/सहायक नगर आयुक्त काशीपुर द्वारा पत्रांक 945 दिनांक 22 नवंबर 2025 को दी गई सूचना के अनुसार वर्ष 2025 में केवल दो बोर्ड बैठकें आयोजित की गईं।

 

05 फरवरी 2025 को नगर प्रमुख दीपक बाली की अध्यक्षता में पहली बैठक हुई, जिसमें 40 पार्षद उपस्थित रहे और केवल 3 प्रस्ताव पारित किए गए।

03 मार्च 2025 को हुई दूसरी बैठक में 39 पार्षद मौजूद थे और इसमें 24 प्रस्ताव पारित किए गए।

रुद्रपुर नगर निगम: बैठकों की संख्या और कार्यवृत्त में असंगति

नगर निगम रुद्रपुर के लोक सूचना अधिकारी द्वारा पत्रांक 779 दिनांक 04 दिसंबर 2025 से दी गई जानकारी के अनुसार बोर्ड की तीन बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन केवल दो बैठकों के ही कार्यवृत्त उपलब्ध कराए गए।

 

07 फरवरी 2025 को मेयर विकास शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेयर, विधायक शिव अरोरा, विधायक तिलक राज बेहड़ और 40 पार्षद मौजूद थे, जिसमें केवल एक प्रस्ताव पारित हुआ।

18 फरवरी 2025 को हुई बैठक में 39 पार्षद उपस्थित रहे और इसमें एक विशेष प्रस्ताव पारित किया गया।

हल्द्वानी-काठगोदाम: सिर्फ एक बैठक

नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम के लोक सूचना अधिकारी ने पत्रांक 1909 दिनांक 17 दिसंबर 2025 से जानकारी दी कि वर्ष 2025 में केवल एक बोर्ड बैठक आयोजित हुई।

 

26 मार्च 2025 को महापौर गजराम बिष्ट की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 56 पार्षद उपस्थित रहे और 11 विशेष प्रस्ताव पारित किए गए।

अल्मोड़ा नगर निगम: तीन बैठकें, कई प्रस्ताव

नगर निगम अल्मोड़ा के लोक सूचना अधिकारी दीपक चंद्र जोशी ने पत्रांक 39 दिनांक 03 जनवरी 2026 से तीन बोर्ड बैठकों की जानकारी दी।

 

07 फरवरी 2025 को 40 पार्षदों की उपस्थिति में 44 प्रस्ताव,

29 अप्रैल 2025 को 37 पार्षदों की मौजूदगी में 63 प्रस्ताव,

05 अगस्त 2025 को 36 पार्षदों के साथ 43 प्रस्ताव पारित किए गए।

पिथौरागढ़ नगर निगम: पांच बैठकें

नगर निगम पिथौरागढ़ से प्राप्त सूचना के अनुसार कुल पांच बोर्ड बैठकें आयोजित हुईं।

 

06 फरवरी (5 प्रस्ताव),

22 फरवरी (3 प्रस्ताव),

10 मार्च (17 प्रस्ताव),

21 अप्रैल (9 प्रस्ताव),

03 सितंबर 2025 (9 प्रस्ताव)

इन सभी बैठकों की अध्यक्षता महापौर कल्पना देवाल ने की।

नगर निगम अधिनियम क्या कहता है

नगर निगम चुनाव कानून सहित 46 कानूनी पुस्तकों के लेखक नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने बताया कि नगर निगम अधिनियम की धारा 88 के अनुसार निगम के प्रतिवर्ष कम से कम छह अधिवेशन होना अनिवार्य है और दो अधिवेशनों के बीच का अंतर दो माह से अधिक नहीं होना चाहिए।

धारा 91 के तहत प्रत्येक पार्षद को बैठक की लिखित सूचना कम से कम 96 घंटे पूर्व देना जरूरी है। वहीं धारा 98 में पार्षदों को निगम से जुड़े किसी भी विषय पर प्रश्न पूछने का स्पष्ट अधिकार दिया गया है।

लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल

आरटीआई से सामने आई यह तस्वीर साफ संकेत देती है कि कुमाऊं के नगर निगमों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और कानून की भावना की अनदेखी हो रही है। सवाल यह है कि जब नियमित बैठकें ही नहीं होंगी, तो जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और जनता से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शी निर्णय कैसे लिए जाएंगे।

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