दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित जिला कौशल एवं अप्रेन्टिसशिप समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि कौशल विकास प्रशिक्षण को समयानुकूल और रोजगारोन्मुखी बनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने जिला सेवायोजन एवं कौशल विकास अधिकारी प्रियंका गड़िया को निर्देश दिए कि आउटडेटेड और अप्रचलित कोर्स हटाकर बाजार की मांग के अनुरूप आधुनिक कोर्स प्रारंभ किए जाएं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण के दौरान केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यवहारिक एवं फील्ड आधारित प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे प्रशिक्षार्थी वास्तविक जीवन की चुनौतियों से निपटने में सक्षम बन सकें।उन्होंने बताया कि जनपद में गौला, नंधौर, कोसी जैसी नदियों तथा माइनिंग गतिविधियों में कुशल मानव संसाधन की कमी है, इसलिए सुपरवाइजर, माइनिंग मेट जैसे कोर्स युवाओं के लिए शुरू किए जाएं।
डीएम ने एआई (Artificial Intelligence), एसी मैकेनिक, सोलर लाइट रिपेयरिंग, पॉलीहाउस निर्माण, पर्यटन गाइड जैसे आधुनिक और रोजगारपरक कोर्सों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों के प्रत्येक विकासखंड के विद्यालयों में काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित करने को कहा, ताकि 10वीं व 12वीं के छात्र-छात्राएं कौशल विकास योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें।
फलपट्टी क्षेत्रों में फलों की ग्रेडिंग के लिए कुशल लोगों की कमी को देखते हुए, संबंधित क्षेत्रों के स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के साथ प्रशिक्षित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में हिमालयन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रमेश चन्द्र बिनजोला, सचिव मनोज डागा, संयुक्त निदेशक प्रशिक्षण मयंक अग्रवाल, डेयरी विभाग से ए.एल. श्रीवास्तव, श्रम एवं प्रवर्तन अधिकारी दिनेश कटियार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



