एम.आई.ई.टी. कुमाऊँ कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज़, शिक्षानगर, लामाचौड़, हल्द्वानी में राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ बड़े उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ बनाया गया है

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दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

एम.आई.ई.टी. कुमाऊँ कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज़, शिक्षानगर, लामाचौड़, हल्द्वानी में राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ बड़े उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ 7 नवम्बर 2025 को प्रातः 10:00 बजे कॉलेज के सेमिनार हॉल में मनाई गई। इस कार्यक्रम का विषय था — “Karaoke with Vande Mataram – A Spiritual & Patriotic Ode to Mother India.”यह कार्यक्रम एम.आई.ई.टी. समूह के प्रबंध निदेशक डॉ. बी.एस. बिष्ट एवं निदेशक श्री तरुण सक्सेना के मार्गदर्शन और प्रेरणा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शेफाली कपूर ने की, जिन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व तथा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान पर प्रकाश डाला कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके पश्चात छात्रों द्वारा भावनाओं से परिपूर्ण “वंदे मातरम्” का कराओके गायन प्रस्तुत किया गया। पूरा हॉल देशभक्ति के स्वर से गूंज उठा और सभी ने एक स्वर में मातृभूमि को नमन किया। यह गीत बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा वर्ष 1875 में रचित राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, भाषण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें भारत की एकता, विविधता और मातृभूमि के प्रति प्रेम झलकता था। शिक्षकों ने भी सक्रिय रूप से भाग लेकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई अपने संबोधन में प्राचार्या डॉ.शेफाली कपूर ने सभी छात्रों और शिक्षकों की सराहना की तथा कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति की भावना और अधिक प्रबल होती है। डॉ. बी.एस. बिष्ट एवं श्री तरुण सक्सेना ने भी आयोजन समिति और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। यह अवसर सभी उपस्थित लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा। “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ का यह आयोजन वास्तव में देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन गया।

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