दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
देहरादून: उत्तराखंड में लंबे समय से सूखे मौसम के बाद अब राहत की उम्मीद जगी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 22 जनवरी की रात से लेकर 24 जनवरी तक महत्वपूर्ण मौसमी गतिविधियां होने का अनुमान जताया है। इस दौरान भारी वर्षा, बर्फबारी और गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की संभावना है, जिसके चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह पश्चिमी विक्षोभ 22 जनवरी की रात से सक्रिय होगा और 24 जनवरी दोपहर तक प्रभावी रहेगा। सबसे तीव्र प्रभाव 23 जनवरी को देखने को मिल सकता है। ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय प्रणाली के साथ-साथ अरब सागर से नमी का प्रवाह उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ेगा, जिससे राज्य में ये परिस्थितियां उत्पन्न होंगी।
प्रभावित क्षेत्र और पूर्वानुमान:
22 जनवरी (रात से): उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा/बर्फबारी, जबकि देहरादून, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में अलग-अलग जगहों पर बहुत हल्की गतिविधि। 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी संभव।
23 जनवरी: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में अधिकांश स्थानों पर भारी बर्फबारी। अन्य पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा/बर्फबारी। मैदानी जिलों हरिद्वार और उधम सिंह नगर में कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका।
24 जनवरी: पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा/बर्फबारी जारी रहने की संभावना, खासकर 2800 मीटर से ऊपर बर्फबारी।इन पांच जिलों—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़—में 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों के लिए भारी बर्फबारी को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है।
राज्य में दिसंबर और जनवरी में अब तक बर्फबारी न होने से पर्यटन क्षेत्र प्रभावित रहा है और किसानों को फसलों के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इस नए सिस्टम से इन समस्याओं में राहत मिलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने प्रशासन को सड़कों पर बर्फ हटाने वाली मशीनों की तैयारी करने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों से सतर्क रहने, आवश्यक सावधानियां बरतने और मौसम संबंधी अपडेट्स पर नजर रखने की अपील की गई है।



