सड़कों पर उतरीं भोजन माताएं, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

हल्द्वानी में मानदेय सहित अन्य मांगों को लेकर भोजन माताओं ने तिकोनिया स्थित बुद्धपार्क में धरना प्रदर्शन किया। इसके उपरांत सैकड़ों की संख्या में एसडीएम कोर्ट पहुंची भोजन माताओं ने कोर्ट परिसर में जोरदार नारेबाजी करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा मुख्यमंत्री को प्रेषित इस ज्ञापन में उन्होंने न्यूनतम मानदेय, भोजन माताओं को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित किए जाने, सभी को स्थाई किए जाने सहित अन्य मांग रखीं। भोजन माताओं ने बताया कि हजारों मिड-डे मील (भोजनमाता) वर्षों से अल्प मानदेय, अतिरिक्त काम के बोझ, मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो रही हैं। बताया कि सरकार द्वारा घोषित मानदेय आज तक धरातल पर लागू नहीं हुआ है, वहीं स्कूलों में भोजनमाताओं से उनके कार्यक्षेत्र से बाहर स्कूल के कमरों व मैदान की सफाई, चौकीदारी, माली और अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों जैसे कार्य कराए जा रहे हैं कई विद्यालयों में गैस चूल्हा, पानी व मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, फिर भी भोजनमाताओं पर समय पर भोजन उपलब्ध कराने का पूरा दबाव डाला जाता है। स्कूल खुलने से लेकर बंद होने तक उनसे काम लिया जाता है। उन्हें कोई अवकाश नहीं दिया जाता और विरोध करने पर काम से हटाने व अभद्र टिप्पणियों जैसी धमकियां दी जाती हैं। कुछ मामलों में भोजनमाताओं के साथ अपमानजनक व्यवहार भी सामने आया है कहा कि यदि सरकार ने समय रहते भोजनमाताओं की जायज़ मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा इस दौरान कार्यक्रम के समर्थन में पछास के महासचिव महेश, चंदन, भाकपा माले से कैलाश पांडे, राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू, क्रांगेस से हेमंत साहू, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र से पुष्पा, क्रालोस से मुकेश भंडारी के अलावा चंपा गिनवाल, पुष्पा कुड़ाई, हेमा, उमा, दिपा विष्ट,हीरा ,इंदू रैक्वाल, दिपा उप्रेती, ममता, आदि सैकड़ों भोजनमाताएं शामिल रही।

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