दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
देहरादून। प्रदेश में 21 फरवरी से शुरू हो रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। इस वर्ष दो लाख से अधिक परीक्षार्थी 1261 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार नकल के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा को पूरी तरह नकल विहीन और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य, मंडल और जिला स्तर पर तीन स्तरीय सचल दल गठित किए गए हैं, जो लगातार निरीक्षण करेंगे।
ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी, तैयारियां अंतिम चरण में
माध्यमिक शिक्षा निदेशक के अनुसार संस्थागत और व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर लिए गए हैं। परीक्षा से संबंधित समस्त व्यवस्थाएं लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि परीक्षा के दौरान अनुशासन और गोपनीयता से कोई समझौता न हो।
उत्तर पुस्तिकाओं के लिए 39 संकलन केंद्र, 29 मूल्यांकन केंद्र
परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित संकलन के लिए 39 केंद्र बनाए गए हैं। वहीं मूल्यांकन कार्य के लिए 29 केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 16 गढ़वाल मंडल और 13 कुमाऊं मंडल में स्थित हैं।
हर मूल्यांकन केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्य व्यवस्था की गई है, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि इस बार मूल्यांकन की निगरानी भी डिजिटल माध्यम से की जाएगी।
156 संवेदनशील और 6 अति संवेदनशील केंद्र
प्रदेशभर में बनाए गए 1261 परीक्षा केंद्रों में 50 एकल और 1211 मिश्रित केंद्र शामिल हैं। इनमें से 156 केंद्रों को संवेदनशील और छह को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। इन केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष निगरानी की व्यवस्था रहेगी। इस वर्ष 24 नए परीक्षा केंद्र भी जोड़े गए हैं, ताकि छात्रों को नजदीकी स्थान पर परीक्षा सुविधा मिल सके।
टिहरी में सबसे अधिक, चंपावत में सबसे कम केंद्र
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो टिहरी जिले में सर्वाधिक 136 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जबकि चंपावत जिले में सबसे कम 44 केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
प्रयोगात्मक परीक्षाएं समाप्त, अब मुख्य परीक्षा की बारी
बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 16 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित की गईं, जो सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी हैं। अब छात्रों की नजरें 21 फरवरी से शुरू होने वाली मुख्य लिखित परीक्षाओं पर टिकी हैं।
निष्पक्ष परीक्षा का दावा
शिक्षा विभाग का दावा है कि इस वर्ष परीक्षा प्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया गया है। तीन स्तरीय सचल दल, सीसीटीवी निगरानी और संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा के चलते नकल पर पूरी तरह लगाम लगाने की तैयारी है।



