दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
रामनगर। विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता, रोमांचक जंगल सफारी और वन्यजीवों के नजदीकी दीदार के लिए जाना जाता है। सालभर यहां देश-विदेश से पर्यटकों की भीड़ उमड़ती है। लेकिन अब साइलेंट जोन में तेज आवाज में डीजे बजाना रिजॉर्ट संचालकों को भारी पड़ सकता है।पार्क प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि साइलेंट जोन में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मुद्दे को लेकर कॉर्बेट प्रशासन ने पुलिस क्षेत्राधिकारी सुमित पांडे और एसडीएम प्रमोद कुमार के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में साइलेंट जोन के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण बेहद आवश्यक है।
तेज संगीत से वन्यजीवों पर पड़ता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार तेज डीजे और लाउड म्यूजिक वन्यजीवों के व्यवहार और दिनचर्या पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। खासकर रात के समय होने वाला शोर जंगली जानवरों के लिए तनाव और असुरक्षा का कारण बन सकता है।
पार्क के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने कहा कि पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से निगरानी बढ़ाई जाएगी और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच की जाएगी।
नियम तोड़े तो जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण
प्रशासन ने सभी रिजॉर्ट संचालकों को सख्त चेतावनी जारी की है। यदि साइलेंट जोन में ऊंची आवाज में डीजे बजाते पाया गया तो जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।पार्क प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से भी अपील की है कि वे साइलेंट जोन की मर्यादा बनाए रखें और प्रकृति की शांति भंग करने से बचें।



