हल्द्वानी की महिला कांग्रेस महानगर अध्यक्ष के खिलाफ देहरादून में हुए मुकदमे ने लिया नया मोड महिला कांग्रेस की प्रदेश स्तर की एक बड़ी नेता द्वारा केश वापस लेने का बनाया जा रहा है दबाव क्या कांग्रेस में अपनी आवाज उठाना है गुना

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

हल्द्वानी की महिला कांग्रेस महानगर अध्यक्ष के खिलाफ देहरादून में हुए मुकदमे ने लिया नया मोड महिला कांग्रेस की प्रदेश स्तर की एक बड़ी नेता द्वारा केश वापस लेने का बनाया जा रहा है दबाव क्या कांग्रेस में अपनी आवाज उठाना है गुना कांग्रेस में ग्रह क्लेश निपटने का नाम नहीं ले रहा है जहां एक तरफ अपनी ही पार्टी की पदाधिकारी के खिलाफ जाति सूचक शब्द कहने पर हल्द्वानी की महिला कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मधु सांगुड़ी के खिलाफ शहर कोतवाली हल्द्वानी मे जीरो एफ आई आर मे 17/02/26 को कंप्लेंट दर्ज करने के बाद मुकदमा देहरादून स्थानांतरित किया गया है! महानगर अध्यक्ष के विरुद्ध एससी एसटी एक्ट की धाराएं लगाई गई है जिसकी विवेचना सीईओ यातायात नगर देहरादून को सौंपी गई है,कांग्रेस की एक पदाधिकारी राधा आर्या ने बताया कि वह पार्टी में कई पदों पर रह चुकी है ओर हल्द्वानी नगर निगम की 2018-2023 तक के कार्यकाल मे पार्षद पद पर निर्वाचित भी हो चुकी है,16 फरवरी को कांग्रेस पार्टी द्वारा देहरादून में राज भवन घेराव का कार्यक्रम था जिसमें प्रतिभाग करने वह अन्य महिला कार्यकर्ताओ के साथ उपस्थित थी,इसी दौरान मधु सांगुड़ी निवासी हीरानगर हल्द्वानी जो की महिला कांग्रेस की महानगर अध्यक्ष है उनके द्वारा कांग्रेस मुख्यालय के बाहर सार्वजनिक रूप से उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, महानगर अध्यक्ष ने उनके खिलाफ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया जहां एक तरफ कांग्रेस मजबूती की बात करती है तो वहीं कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व करने वाले नेताओं ने इस सब मामले में चुप्पी साधी हुई है जिसका जीता जागता सबूत यह मुकदमा है इस गृह क्लेश को निपटाने के बजाय *महिला कॉंग्रेस की प्रदेश स्तर की एक बड़ी नेता* पीड़ित पक्ष का साथ देने की बजाय केश को रफा दफा करवाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है वही दूसरी ओर राधा आर्या से जब उस प्रदेश स्तर की पदाधिकारी के विषय मे पूछा गया तो उनके द्वारा कहा गया की वो जल्द ही उस महिला पदाधिकारी का नाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उजागर करेंगी की कौन महिला उनके ऊपर केश को वापस लेने के लिए दबाव बना रही है अब देखने वाली बात यह होगी क्या इन सब के पीछे कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ नेता जागते हैं या इसी तरह का अंतरकलह के चलते कांग्रेस को आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव में इस सब का परिणाम झेलना पड़ेगा

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