दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
पहाड़ों में भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया होगी आसान, छोटे भूखंडों को मिल सकती है बड़ी राहत
देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में छोटे भूखंडों के भू-उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) की प्रक्रिया को आसान और स्पष्ट करने की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और छोटे भू-खंडों को ध्यान में रखते हुए नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है।प्रस्तावित व्यवस्था के तहत चार हजार वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल वाली भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। स्थानीय विकास प्राधिकरण के सुझाव पर नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग शासन को अपनी रिपोर्ट अथवा प्रस्ताव भेजेगा। इसके बाद शासन स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट के समक्ष लाए जाने की तैयारी है।छोटे भूखंडों पर आसानी से शुरू हो सकेंगी व्यावसायिक गतिविधियां नई व्यवस्था लागू होने के बाद पर्वतीय क्षेत्रों में छोटे भू-खंडों पर होमस्टे, कॉटेज, दुकान और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने और पलायन को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।अलग-अलग क्षेत्रफल के लिए अलग व्यवस्था वर्तमान शासनादेश के अनुसार भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में भूमि के क्षेत्रफल के आधार पर अलग-अलग स्तरों पर अधिकार निर्धारित हैं। चार हजार से 10 हजार वर्ग मीटर तक के मामलों में प्राधिकरण स्तर पर, जबकि 10 हजार से 50 हजार वर्ग मीटर तक के मामलों में उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (उड़ा) स्तर पर कार्रवाई का प्रावधान है। 50 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल के मामलों के लिए गठित समिति को अधिकार दिए गए हैं।




