दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
रोहित एसोसिएट्स’ के नाम से फर्जी बिल बुक छपवाकर सत्यापन और मरम्मत शुल्क के नाम पर की जा रही थी अवैध वसूली
डायल-112 पर मिली शिकायत के बाद खुला राज, पुलिस और विभागीय जांच में सामने आया बड़ा खेल
हल्द्वानी, भवाली, किच्छा, बाजपुर और दिनेशपुर समेत कई क्षेत्रों के व्यापारियों से वसूली के मिले साक्ष्य
संयुक्त जांच टीम गठित, आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोपों में कार्रवाई
हल्द्वानी
विधिक माप विज्ञान (बाट-माप) विभाग के नाम पर फर्जी बिल बुक तैयार कर व्यापारियों से सत्यापन और मरम्मत शुल्क के नाम पर अवैध वसूली का बड़ा मामला हल्द्वानी में सामने आया है। पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब मंगल पड़ाव क्षेत्र में एक स्वर्णकार ने डायल-112 पर एक व्यक्ति द्वारा अभद्रता किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। मौके पर पहुंची पुलिस की पूछताछ और विभागीय अधिकारियों की जांच में आरोपी के पास एक अधिकृत और दूसरी पूरी तरह फर्जी बिल बुक मिलने से पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया जांच में सामने आया कि आरोपी मनीष निवासी लखनपुर, रामनगर, अपनी अधिकृत फर्म ‘मनीष एसोसिएट्स’ के साथ-साथ ‘रोहित एसोसिएट्स’ के नाम से फर्जी बिल बुक का इस्तेमाल कर रहा था। विभाग ने स्पष्ट किया कि ‘रोहित एसोसिएट्स’ नाम से विभाग में कोई लाइसेंसधारी मरम्मतकर्ता या पंजीकृत फर्म मौजूद नहीं है।प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फर्जी बिल बुक के माध्यम से हल्द्वानी, भवाली, किच्छा, बाजपुर, दिनेशपुर रोड, नेताजी नगर, जयनगर-01 सहित कई क्षेत्रों के व्यापारियों से सरकारी सत्यापन एवं मरम्मत शुल्क के नाम पर धनराशि वसूली गई, जिसे सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय हड़प लिया गया।

विभाग अब बिल बुक में दर्ज सभी व्यापारियों के बयान दर्ज कर वसूली गई वास्तविक रकम और पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है कुमाऊं संभाग के प्रभारी उप नियंत्रक ललित मोहन पंत ने बताया कि 16 जुलाई को हल्द्वानी में मामला सामने आने के बाद 17 जुलाई को दिनेशपुर से भी आरोपी के खिलाफ शिकायत मिली। इसके बाद हल्द्वानी, किच्छा और बाजपुर के वरिष्ठ निरीक्षकों की संयुक्त जांच टीम गठित कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है उन्होंने बताया कि कुमाऊं संभाग में विभाग के 80 लाइसेंसधारी मरम्मतकर्ता पंजीकृत हैं, जबकि केवल हल्द्वानी में 13 अधिकृत मरम्मतकर्ता कार्यरत हैं। व्यापारियों से अपील की गई है कि सत्यापन या मरम्मत शुल्क देने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान और विभागीय प्राधिकरण की पुष्टि अवश्य करें फिलहाल वरिष्ठ निरीक्षक, जयनगर चौकी, दिनेशपुर की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। विभाग का कहना है कि आरोपी के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने, सरकारी विभाग का नाम इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करने, व्यापारियों से अवैध वसूली करने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोपों में कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की वसूली के प्रमाण मिलने पर मामले में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।








