कैसे होगा छात्रों का विकास क्षमता से अधिक कक्षाओं में भरे हुए छात्र-छात्राएं कुमाऊं के सबसे बड़े कॉलेज एमबीपीजी कॉलेज की है दास्तां

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

हालांकि राज्य सरकार राज्य के अंदर शिक्षा देने के दावे भर्ती है और बेहतर बनाने के लिए शिक्षा को अत्यधिक आधुनिक टेक्नोलॉजी में शिक्षा अध्ययन सभी महाविद्यालय में किया जा रहा है कुमाऊं के सबसे बड़े कॉलेज मोतीराम बाबुराम इस्नोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी में छात्रों और प्रोफेसर की अनदेखी की जा रही है क्योंकि कुमाऊं के सबसे बड़े कॉलेज एमबीपीजी में इस समय वर्तमान में 13152 छात्र छात्राएं अनेक कक्षाओं में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जबकि कॉलेज की क्षमता केवल 7000 से 8000 छात्र छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने के लिए है वही एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर एस के बन कोटी ने बताया की एमबीपीजी कॉलेज में क्षमता से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं अत्यधिक छात्राएं होने के कारण एक प्रोफेसर पूर्ण रूप से छात्रों पर विशेष ध्यान नहीं दे सकता इसके लिए हमने शासन को भी प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए आवेदन क्या हुआ है और सबसे बड़ी बातें के अभी पूर्ण रूप से छात्र-छात्राएं कक्षा में शिक्षा ग्रहण करने नहीं आते हैं यदि सभी छात्र-छात्राएं एक साथ शिक्षा ग्रहण करने आ गए तब प्रोफेसर ने काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है वहीं प्राचार्य ने कहा कि आज की जो वर्तमान एमबीपीजी कॉलेज की स्थिति है काफी छात्र-छात्राओं की संख्या की है और अभी तक प्रवेश चल रहे हैं यदि सभी छात्र-छात्राएं एमबीपीजी कॉलेज में ही अपनी शिक्षा लेते रहे तो कॉलेज में शिक्षा देना मुश्किल भी हो सकता है क्योंकि शासन के द्वारा हमें आश्वासन दिया गया कि जल्दी प्रोफेसर की नियुक्ति की जाएगी और या फिर कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी लेकिन कक्षाओं और भावनाओं का निर्माण भी होना आवश्यक है तभी कक्षाएं सुचारू रूप से चलाई जा सकते हैं

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