ट्रांसपोर्ट नगर बना ‘मिनी सिंडिकेट’ अवैध शराब, जुआ-सट्टे का खुला खेल चौकी पास, फिर भी खामोशी क्यों

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

जनपद नैनीताल में डीएम ललित मोहन रयाल के निर्देश पर अवैध शराब के खिलाफ सख्त अभियान चल रहा है। छापे, बरामदगी और बयान, लेकिन शहर के ट्रांसपोर्ट नगर में तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आ रही है। यहां अवैध शराब की खुलेआम बिक्री, जुए-सट्टे के अड्डे और संदिग्ध गतिविधियां बदस्तूर जारी हैं। सवाल सीधा है जब चौकी चंद कदम दूर है, तो यह ‘खुला खेल’ किसके भरोसे सूत्रों का दावा है कि ट्रांसपोर्ट नगर में कुछ होटल-ढाबों की आड़ में अवैध शराब का धंधा लंबे समय से फल-फूल रहा है। अब इसी नेटवर्क के जरिए जुए और सट्टे की खाईबाड़ी भी समझी जा रही है। शाम होते ही इलाके में भीड़ बढ़ती है, संदिग्ध लेन-देन तेज होता है और माहौल बदरंग।स्थानीय लोग पूछ रहे हैं जब जिलेभर में कार्रवाई की तस्वीरें सामने आ रही हैं, तो ट्रांसपोर्ट नगर पर सख्ती क्यों नहीं? क्या यहां की ‘ग्राउंड रियलिटी’ किसी को दिख नहीं रही, या देखने की इच्छा नहीं?

‘दिन की कमाई, रात का दांव’: मजदूर-युवा फंस रहे जाल में

ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का आरोप है कि अवैध शराब ने पहले ही मेहनतकश मजदूरों की कमर तोड़ी थी। अब जुए-सट्टे ने युवा वर्ग को भी अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। दिनभर की मजदूरी रात में दांव पर लग रही है। कर्ज, झगड़े और पारिवारिक तनाव बढ़ रहे हैं।इलाके के लोगों का कहना है कि अवैध अड्डों पर गतिविधियां इतनी खुली हैं कि किसी ‘बड़ी आंख’ के बिना यह संभव नहीं लगता। चौकी की मौजूदगी के बावजूद कार्रवाई न होना, सवालों को और धार देता है।

अभियान बनाम जमीनी हकीकत: क्या ट्रांसपोर्ट नगर ‘नो-गो ज़ोन’ है?

डीएम के निर्देश पर चल रहे अभियान के बीच ट्रांसपोर्ट नगर की यह स्थिति अभियान की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगा रही है। यदि यहां छापेमारी और सतत निगरानी हो, तो तस्वीर बदल सकती है। लेकिन अभी तक सख्त कदम नजर नहीं आ रहे।

प्रशासन से सीधी मांग: नाम उजागर हों, नेटवर्क टूटे

स्थानीय लोगों और कारोबारियों ने मांग की है कि ट्रांसपोर्ट नगर में संयुक्त छापेमारी कर अवैध शराब-जुआ-सट्टे के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाए। सिर्फ ‘बरामदगी’ नहीं, बल्कि संरक्षण देने वालों की जवाबदेही भी तय हो।अब निगाहें प्रशासन पर हैं, क्या ट्रांसपोर्ट नगर में चल रहे इस कथित सिंडिकेट पर कड़ा प्रहार होगा, या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा?

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement