पार्षद ने स्ट्रीट लाइट मुद्दे पर EESL कर्मियों को कमरे में किया बंद, ढाई घंटे चला धरना

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

शहर में स्ट्रीट लाइटों की खराब व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को जमकर हंगामा देखने को मिला। वार्ड की समस्याओं से नाराज पार्षद मनोज जोशी ने नगर निगम की विद्युत टीम (EESL) के कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर धरना शुरू कर दिया। यह धरना करीब ढाई घंटे तक चला, जिसके बाद नगर आयुक्त के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ पार्षद मनोज जोशी का आरोप है कि वार्ड में पिछले छह महीनों से कई स्थानों पर ओपन बटन और खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या बनी हुई है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन दिया जा रहा था, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। उन्होंने कहा कि फायर स्टेशन क्षेत्र में हाल ही में एक बड़ा हादसा भी हुआ था, जिसके बाद कुछ दिनों तक लाइटें जलीं, फिर दोबारा बंद हो गईं।पार्षद का कहना है कि क्षेत्र की “देव तुल्य जनता” लगातार उन्हें फोन और वीडियो कॉल के माध्यम से शिकायतें कर रही थी। जब टीम मौके पर पहुंची और कार्य शुरू हुआ तो स्थिति की पुष्टि भी स्थानीय लोगों से कराई गई।धरने के दौरान पार्षद और EESL कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बताया गया कि एक कर्मचारी ने कथित रूप से यह कह दिया कि बटन बदलना उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता, जिस पर विवाद बढ़ गया। बाद में कर्मचारी द्वारा अपनी बात स्पष्ट करने और गलती स्वीकारने के बाद स्थिति सामान्य हुई नगर आयुक्त के मौके पर पहुंचने और समाधान का आश्वासन देने के बाद पार्षद धरने से उठे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि स्ट्रीट लाइटों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।इस घटनाक्रम के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली और ठेका एजेंसी की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

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