फर्जी पहचान का जाल बेनकाब: ‘ऑपरेशन प्रहार’ में बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार, मददगार भी पुलिस के शिकंजे में

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

हरिद्वार। जनपद में चल रहे सघन सत्यापन अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। “ऑपरेशन प्रहार” के अंतर्गत ज्वालापुर क्षेत्र में पुलिस और अभिसूचना इकाई (LIU) की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में महिला की मदद करने वाले एक अन्य आरोपी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिससे पूरे मामले में अंतरराज्यीय साजिश के संकेत मिले हैं। पुलिस के अनुसार, वैष्णवी एन्क्लेव क्षेत्र में सत्यापन के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर महिला को पकड़ा गया, जो अपनी पहचान बदलकर रह रही थी। पूछताछ में उसने अपना असली नाम सहेला बेगम निवासी कुमीला, बांग्लादेश बताया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वर्ष 2023 में वह सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए एक व्यक्ति के कहने पर भारत आई और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से यहीं रह रही थी।महिला ने हरिद्वार में अपने सहयोगी श्यामदास की मदद से आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और विवाह प्रमाण पत्र जैसे कई फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कर लिए थे। पुलिस ने उसके कब्जे से बांग्लादेशी पासपोर्ट और नेशनल आईडी कार्ड सहित कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं, जो पूरे मामले को गंभीर बनाते हैं। पुलिस ने महिला को शरण देने और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में मददगार श्यामदास को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ ज्वालापुर कोतवाली में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी गई है। एसएसपी के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि जनपद में अवैध गतिविधियों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए कानून को चुनौती देने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, अधिकारियों ने अभियान को और तेज करने के निर्देश देते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया है।

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