दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
रानीबाग स्थित चित्राशिला धाम में स्थापित शनि मंदिर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गहराता जा रहा है। बीते दिनों पहाड़ी आर्मी ने मंदिर प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मंदिर की भूमि पर अतिक्रमण और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। मामले को लेकर पहाड़ी आर्मी ने प्रशासन से जांच की मांग भी की है।वहीं, कई दिनों की चुप्पी के बाद अब मंदिर प्रबंधन भी सामने आया है और मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है। मंदिर प्रबंधन ने पहाड़ी आर्मी के तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मंदिर की ओर से किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं किया जा रहा है।मंदिर प्रबंधन का कहना है कि श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यहां पिछले करीब 20 वर्षों से लगातार विकास और सुविधा संबंधी कार्य किए जा रहे हैं प्रबंधन के मुताबिक मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं और प्रशासन जब चाहे, वहां की गतिविधियों की जांच कर सकता है वहीं, पहाड़ी आर्मी के संस्थापक हरीश रावत का आरोप है कि मंदिर परिसर में कुछ ऐसी गतिविधियां हो रही हैं, जिनकी जांच जरूरी है। उन्होंने मंदिर की छत पर बाथरूम बनाए जाने का भी आरोप लगाया।हालांकि, मंदिर प्रबंधन ने छत पर बाथरूम बनाए जाने समेत लगाए गए आरोपों को भी पूरी तरह नकार दिया है फिलहाल इस मामले को लेकर पहाड़ी आर्मी कुमाऊं कमिश्नर और नैनीताल जिलाधिकारी के समक्ष भी पहुंच चुकी है और पूरे मामले की जांच की मांग की गई है अब सवाल यही है कि आखिर चित्राशिला धाम के शनि मंदिर को लेकर लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है और जांच के बाद तस्वीर क्या सामने आती है। फिलहाल दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं और अब प्रशासनिक जांच पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


