दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
एमआईईटी कुमाऊँ कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हल्द्वानी में 9 अक्टूबर 2026 को IANETL-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में विद्यार्थियों और शिक्षकों सहित कुल 614 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य नर्सिंग शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधुनिक तकनीक, नवाचार और पढ़ाने के नए तरीकों पर चर्चा करना था।कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9:30 बजे अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप, माननीय कुलपति, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर उपस्थित रहे। उन्होंने चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा में आधुनिक तकनीक और नवाचार के महत्व पर अपने विचार साझा किए सम्मेलन के दौरान सभी मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं रिसोर्स पर्सन्स का सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया गया तथा उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट किए गए। यह सम्मान एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष श्री शेखर सुंथा, सुश्री आकांक्षा, सुश्री नेहा रौतेला तथा संस्थान के निदेशक डॉ. तरुण कुमार सक्सेना द्वारा किया गया। इस अवसर पर अतिथियों एवं विशेषज्ञ वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सम्मेलन में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की गई।
कार्यक्रम का संचालन एमआईईटी कुमाऊँ की नर्सिंग ट्यूटर सुश्री स्वाति उप्रेती और सहायक प्राध्यापक सुश्री आकांक्षा ने किया।
एमआईईटी कुमाऊँ के वाइस चेयरमैन श्री गौरव अग्रवाल ने लगातार सीखने और ज्ञान बढ़ाने के महत्व पर प्रकाश डाला। संस्थान के सलाहकार श्री शौर्यनिधि बिष्ट ने नर्सिंग शिक्षा के महत्व पर अपने विचार रखते हुए कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित और कुशल नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने नर्सिंग शिक्षा में सिमुलेशन और नवाचार को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सिमुलेशन के माध्यम से विद्यार्थी मरीजों की देखभाल, आपातकालीन स्थितियों से निपटने और व्यावहारिक कौशल का अभ्यास सुरक्षित वातावरण में कर सकते हैं। साथ ही, नई तकनीकों और आधुनिक शिक्षण विधियों से नर्सिंग शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है इसके बाद डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को The Trained Nurses’ Association of India (TNAI) और Student Nurses’ Association of India (SNAI) के महत्व और लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये संगठन नर्सिंग विद्यार्थियों और पेशेवर नर्सों को अपने ज्ञान एवं कौशल को बढ़ाने, नई जानकारियाँ प्राप्त करने और नर्सिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को इन संगठनों से जुड़कर नर्सिंग शिक्षा और पेशेवर विकास से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया एमआईईटी कुमाऊँ के प्रबंध निदेशक डॉ. बी.एस. बिष्ट ने शिक्षा में नई तकनीकों और नए विचारों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। फैकल्टी ऑफ नर्सिंग की सहायक प्राध्यापक सुश्री नेहा रौतेला ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा सम्मेलन के उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी।सम्मेलन के शैक्षणिक सत्रों में विशेषज्ञों ने नर्सिंग शिक्षा में AI के उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। दोपहर 12:15 बजे स्वामी रामा हिमालयन विश्वविद्यालय, जॉली ग्रांट, देहरादून के क्रिटिकल केयर नर्सिंग विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने “Ethical and Responsible Use of Artificial Intelligence in Nursing Education” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि नर्सिंग शिक्षा में AI का उपयोग करते समय जानकारी की गोपनीयता, शैक्षणिक ईमानदारी, पारदर्शिता और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग का ध्यान रखना जरूरी है दोपहर 12:50 बजे से 1:30 बजे तक रोहिलखंड कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बरेली की प्रोफेसर-कम-प्रिंसिपल डॉ. प्रियंका ए. मसीह ने “Integrating Artificial Intelligence and Informatics to Transform Nursing Education” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि AI और सूचना तकनीक के समन्वय से नर्सिंग शिक्षा को अधिक प्रभावी, आधुनिक और उपयोगी बनाया जा सकता है दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक भोजनावकाश रखा गया। इसके बाद दोपहर 2:00 बजे से 3:00 बजे तक CIMS&R, देहरादून की प्रोफेसर-कम-प्रिंसिपल श्रीमती चेतना ने “Human Intelligence Meets AI: Redefining Nursing Education” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि AI नर्सिंग शिक्षा को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन मरीजों की देखभाल में मानवीय संवेदनशीलता, सहानुभूति, सही निर्णय लेने की क्षमता और मरीजों के प्रति अच्छा व्यवहार हमेशा महत्वपूर्ण रहेंगे दोपहर 3:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक केशलता कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बरेली की प्रोफेसर-कम-प्रिंसिपल डॉ. प्रतिभा मनोहरम बी. ने अपने विचार साझा किए। इस सत्र में नर्सिंग शिक्षा के आधुनिक तरीकों और शिक्षण पद्धतियों को बेहतर बनाने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई शाम 4:30 बजे से 5:00 बजे तक हाई टी का आयोजन किया गया। इसके साथ ही सम्मेलन के प्रथम दिवस का समापन हुआ। कार्यक्रम के अंत में नर्सिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष श्री शेखर सुंथा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, सभी विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सम्मेलन को सफल बनाने में उनके सहयोग की सराहना की सम्मेलन के प्रथम दिवस के सफल आयोजन और समापन के लिए एमआईईटी कुमाऊँ के वाइस चेयरमैन श्री गौरव अग्रवाल, प्रबंध निदेशक डॉ. बी.एस. बिष्ट और निदेशक डॉ. तरुण कुमार सक्सेना का हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया गया। उनके मार्गदर्शन, सहयोग और प्रयासों से सम्मेलन का पहला दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन को सफल बनाने में उनके योगदान की सराहना की गई पूरे सम्मेलन में नर्सिंग शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए AI, आधुनिक तकनीक, सिमुलेशन और नवाचार के उपयोग पर जोर दिया गया। साथ ही, यह संदेश दिया गया कि नई तकनीकों को अपनाने के साथ मानवीय संवेदनशीलता और मरीजों की देखभाल से जुड़े मूल्यों को बनाए रखना भी जरूरी है। सम्मेलन ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को विशेषज्ञों के विचारों से सीखने तथा नर्सिंग शिक्षा के भविष्य को समझने का अवसर प्रदान किया।





