दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
कालाढूंगी। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। कांग्रेस की ओर से इस सीट पर नए और युवा चेहरे को मौका दिए जाने की चर्चाओं के बीच उत्तराखंड युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विशाल सिंह भोजक की दावेदारी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है कालाढूंगी विधानसभा सीट लंबे समय से कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जाती रही है। ऐसे में पार्टी के सामने इस बार ऐसा चेहरा उतारने की चुनौती है, जो संगठन को मजबूती देने के साथ-साथ युवाओं और स्थानीय मतदाताओं के बीच प्रभाव पैदा कर सके। इसी कड़ी में विशाल सिंह भोजक का नाम संभावित दावेदारों में चर्चा का विषय बना हुआ है विशाल सिंह भोजक की पहचान युवा कांग्रेस में एक सक्रिय युवा नेता के तौर पर रही है। क्षेत्रीय मुद्दों से लेकर युवाओं से जुड़े सवालों को लेकर उनकी सक्रियता लगातार चर्चा में रही है। रोजगार, भर्ती परीक्षाओं, शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी आवाज प्रदेश स्तर पर भी देखने को मिली है राजनीतिक तौर पर भोजक की एक बड़ी ताकत उनका युवा वर्ग के बीच संपर्क और संगठनात्मक नेटवर्क माना जाता है। उत्तराखंड युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहने के कारण उनका नेटवर्क भी व्यापक हुआ है। यही वजह है कि कालाढूंगी में उनकी दावेदारी को केवल स्थानीय स्तर की दावेदारी के बजाय कांग्रेस के लिए एक संभावित नए राजनीतिक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कांग्रेस नेतृत्व इस बार कालाढूंगी में युवा चेहरे पर भरोसा करता है और विशाल सिंह भोजक को मैदान में उतारता है, तो पार्टी चुनाव को नए मुद्दों और नई राजनीतिक ऊर्जा के साथ लड़ सकती है। युवाओं के बीच उनकी पकड़ और क्षेत्रीय समस्याओं को लगातार उठाने की उनकी शैली कांग्रेस को इस सीट पर मुकाबले में मजबूत स्थिति देने में मदद कर सकती है हालांकि, अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान को ही करना है और टिकट को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन विशाल सिंह भोजक की सक्रियता और उनकी दावेदारी ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि कालाढूंगी में कांग्रेस इस बार पुराने समीकरणों से आगे बढ़कर किसी नए और युवा चेहरे पर दांव लगाने की संभावना तलाश रही है।





