हल्द्वानी : 13वां आनन्द बल्लभ उप्रेती स्मृति समारोह, सामाजिक क्षेत्र में में सराहनीय कार्यों के लिए 13 लोगों को दिया गया आनन्द श्री सम्मान

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दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

13वां आनन्द बल्लभ उप्रेती स्मृति13वां आनन्द बल्लभ उप्रेती स्मृति समारोह समारोह

-हिमालय की परम्परा हमारी जड़ है : रावत

-तितियाल, पंचपाल सहित 14 सम्मानित

हल्द्वानी। पिघलता हिमालय के संस्थापक वरिष्ठ कथाकार पत्रकार स्व. आनन्द बल्लभ उप्रेती का 13वां स्मृति समारोह रविवार को सिंथिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मनाया गया। इस अवसर पर हिमालय संगीत शोध समिति द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “हिमालय के लोक व्यवहार में कला और विज्ञान” विषय पर वक्ताओं व शोधार्थियों ने अपने विचार रखे, वहीं डा. गोविंद सिंह तितियाल, डीएस पंचपाल सहित 13 लोगों को आनन्दश्री सम्मान दिया गया।

इससे पहले समारोह में मुख्य अतिथि प्रोफेसर दीवान सिंह रावत कुलपति कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल, विशिष्ट अतिथि करन सिंह नगन्याल (आईजी गढ़वाल) और श्रीमान ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। भुवनेश विराट के संचालन में हिमालय संगीत शोध समिति के कलाकारों ने आचार्य धीरज उप्रेती के निर्देशन में सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया।

आयोजन सचिव डा. पंकज उप्रेती, संरक्षक फली सिंह दताल, संयोजक डा. भुवन तिवारी, सिंथिया कालेज के प्रबंधक प्रवीन रौतेला ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर दीवान सिंह रावत ने कहा कि हिमालय की परम्परा हमारी जड़ है। इसे संवारने वाले महान हैं। विशिष्ट अतिथि करन नगन्याल ने स्व. उप्रेती को पहाड़ परम्परा का अग्रदूत बताया। अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर पीसी डालाकोटी ने कहा कि पहाड़ की जड़ जंगल जमीन पर जागरूकता दिखाओ।

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इन्हें मिला आनन्दश्री सम्मान

कुलपति प्रोफेसर डीएस रावत, डॉ. गोविन्द सिंह तितियाल, श्रीमान करन सिंह नगन्याल, डाक्टर महिमन सिंह दुग्ताल, श्रीमान घनश्याम ग्वाल, श्रीमान जीवन सिंह सीपाल, श्रीमान देव सिंह पंचपाल, इंजी. नरेंद्र सिंह पतियाल, सजग पत्रकारों में श्रीमान पंकज जोशी ‘विशेष’, श्रीमान ललित मोहन बेलवाल, श्रीमान हर्ष रावत, दीक्षा बिष्ट, पवन कुंवर।

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बाल कलाकार किरन कोटनाला सम्मानित

आयोजन में रामनगर की बाल कलाकार किरन कोटनाला को सम्मानित किया गया। जिसने 50 म्यूजिकल वाद्ययंत्रों को बजा कर इंफुलेंसर बन अपना नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया है।

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97 शोध पत्र प्रस्तुत

समारोह के दौरान हिमालय, आनन्द उप्रेती, जसुली शौक्याणी पर केंद्रित 97 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। विभिन्न महाविद्यालयों के विद्वान प्राध्यापकों, शोधार्थियों ने हिमालय के लोक व्यवहार को लेकर अपनी बात रखी।

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यह थे मौजूद

समारोह में नरेंद्र सिंह न्यौला पंचाचूली, गिरीश चंद्र उप्रेती, प्रोफेसर अतुल जोशी, प्रोफेसर गिरीश पंत, प्रोफेसर दीपा गोबाड़ी, श्रीमती गीता उप्रेती, श्रीमती आरती उप्रेती, डा. आशा हर्बोला, डा. जयश्री भंडारी, ओपी पांडेय, गिरीश पाण्डेय, राम सिंह सोनाल, पुष्पा दुग्ताल, चम्पा दुग्ताल, पुष्पा रौतेला, जीवन सिंह दुग्ताल, शीला दुग्ताल, गणेश सिंह ल्वाल, मदन सिंह ग्वाल, दीवान सिंह सोनाल सहित बड़ी संख्या में लोग थे

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