हल्द्वानी : छा गए बादल, मंगलवार को बारिश की संभावना

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

उत्तराखंड के हल्द्वानी में सोमवार को चिलचिलाती गर्मी से जूझ रहे लोगों को हल्के बादलों ने राहत प्रदान की। सुबह से ही आसमान में बादलों की हल्की चादर छाई रही, जिसने सूरज की तपिश को कुछ कम किया। मौसम विभाग ने मंगलवार को हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से और राहत मिलने की उम्मीद है। इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना बताया जा रहा है सोमवार को हल्द्वानी में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तर-पूर्वी दिशा से 7.1 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने वातावरण में 41 प्रतिशत नमी बनाए रखी। इन हवाओं और बादलों की मौजूदगी ने शहरवासियों को तेज धूप की तपिश से कुछ हद तक बचाया, हालांकि उमस का एहसास बरकरार रहा। स्थानीय लोग दिनभर बाहर निकलने में सावधानी बरतते नजर आए, लेकिन बादलों की वजह से गर्मी का असर पहले की तुलना में कम महसूस हुआ पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने मंगलवार को हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई। इस बारिश से न केवल तापमान में कमी आएगी, बल्कि उमस से भी राहत मिलने की उम्मीद है। डॉ. सिंह ने कहा कि यह बदलाव कुमाऊं क्षेत्र के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि गर्मी और उमस ने पिछले कुछ दिनों से लोगों का जीना मुहाल कर रखा था। बारिश के साथ ही ठंडी हवाएं चलने की भी संभावना है, जो मौसम को और सुहावना बना सकती हैं स्थानीय निवासियों ने इस मौसमी बदलाव का स्वागत किया है। हल्द्वानी के रामपुर रोड निवासी रमेश जोशी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से गर्मी और उमस ने परेशान कर रखा था, लेकिन सोमवार को बादलों ने राहत दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंगलवार की बारिश मौसम को और बेहतर करेगी। वहीं, बाजारों में भी लोगों की आवाजाही में हल्की बढ़ोतरी देखी गई, क्योंकि धूप की तीव्रता कम होने से लोग जरूरी कामों के लिए बाहर निकले मौसम विभाग ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश के कारण खेतों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है, इसलिए किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम करने को कहा गया है। साथ ही, शहर में निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन को भी तैयार रहने की जरूरत है। यह मौसमी बदलाव हल्द्वानी और कुमाऊं क्षेत्र के लिए एक सुखद राहत लेकर आया है, लेकिन इसके साथ ही बारिश से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों के लिए भी तैयार रहना होगा।

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