बनभूलपुरा हिंसा में हुई फईम की मौत के मामले में हाईकोर्ट ने गृह सचिव और डीजीपी से मांगा शपथ-पत्र

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

नैनीताल हाईकोर्ट ने वनभूलपुरा हिंसा के दौरान गोली से हुई फईम की मौत की जांच सीबीआई से कराने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंदर व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक से मामले में अपना शपथ पत्र 18 जून से पहले पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई 18 जून को होगी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।हाईकोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी खुद मामले की जांच कर रहा है और अंतिम रिपोर्ट भी पेश कर रहा है। यह अपने आप में एक नया अनोखा वाद है। इतना ही नहीं वह खुद केस का निस्तारण भी कर रहा है, जबकि आरोपियों पर हत्या करने के आरोप लगे हैं। हिंसा के दौरान गोली लगने से जान गंवाने वाले फईम के भाई परवेज ने याचिका दायर कर कहा है कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नैनीताल ने पुलिस को 6 मई 2024 को निर्देश दिए थे कि अज्ञात पर केस दर्ज करें और इसकी जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करें। इसके बावजूद आज तक पुलिस ने इसकी जांच नहीं की। ऐसे में उन्हें मामले की सीबीआई से जांच कराने और परिवार को सुरक्षा दिलाए जाने को लेकर याचिका दायर करनी पड़ी। याचिकाकर्ता का कहना है कि 8 फरवरी 2024 को वनभूलपुरा हिंसा के दौरान फईम की गोली लगने से मौत हो गई थी। परिजनों ने इसकी जांच कराने के लिए पुलिस व प्रशासन को कई बार शिकायत दर्ज कराई। पर पुलिस ने न तो जांच की और न ही मुकदमा दर्ज किया।

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