राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन (रजिं) द्वारा बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार और उनके संवैधानिक व अंतराष्ट्रीय अधिकारों के उल्लंघन पर ध्यान आकर्षण और रोष व्यक्त किया।

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

हल्द्वानी में राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन द्वारा बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार और उनके संवैधानिक व अंतराष्ट्रीय अधिकारों के उल्लंघन के मामले में प्रेस वार्ता की गई। मानव अधिकार संगठन के सदस्यों ने बताया कि बांग्लादेश में हिंदू धार्मिक स्थलों पर बड़े हमले हो रहे हैं जहां 59% हिंसा धार्मिक स्थलों पर निशाना बनाती है और 69 मंदिरों व अन्य पूजा स्थलों पर अनुष्ठानों के दौरान हमले किए गए हैं। लिहाजा उन्होंने सरकार से मांग की है कि भारत सरकार बांग्लादेश सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाए और संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा स्वतंत्र जांच आयोग का गठन हो अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की जाए पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था को लेकर दबाव बनाया जाए और महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

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