उत्तराखंड: जीएसटी फर्जीवाड़े पर एसआईबी का छापा, 1.20 करोड़ की वसूली

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

देहरादून। राज्य कर विभाग की विशेष अन्वेषण इकाई (एसआईबी) ने जीएसटी चोरी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेने वाली एक फर्म पर छापा मारा। प्रारंभिक जांच में दो से तीन करोड़ रुपये तक के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान ही फर्म ने 1.20 करोड़ रुपये की राशि जमा करा दी।राज्य कर आयुक्त डॉ. अहमद इकबाल के निर्देश पर बुधवार को अपर आयुक्त गढ़वाल जोन पीएस डुंगरियाल और संयुक्त आयुक्त अजय कुमार के नेतृत्व में एसआईबी की टीम ने रानीपोखरी स्थित फर्म के कार्यालय में छापा मारा। यह फर्म विभिन्न राज्यों में बिजली विभागों से कांट्रेक्ट लेकर ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का कार्य करती है।

फर्जी ई-वे बिल बनाकर लिया इनपुट टैक्स क्रेडिट

जांच में सामने आया कि फर्म ने कई मालवाहक वाहनों के फर्जी ई-वे बिल बनाए, जबकि वास्तव में माल की कोई खरीद नहीं की गई। इसी फर्जीवाड़े के जरिए जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया गया।

जांच जारी, बड़ा घोटाला होने की आशंका

उप आयुक्त अजय बिरथरे के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दो से तीन करोड़ रुपये की आईटीसी गड़बड़ी पाई गई है। दस्तावेजों की विस्तृत जांच जारी है और फर्जीवाड़े की रकम बढ़ सकती है। कार्रवाई के दौरान फर्म ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए 1.20 करोड़ रुपये जमा करा दिए।

छापेमारी टीम में ये अधिकारी रहे शामिल

कार्रवाई के दौरान सहायक आयुक्त टीका राम चन्याल, राज्य कर अधिकारी असद अहमद, कंचन थापा, यतीश सेमवाल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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