मुक्तेश्वर, रामगढ़, धानाचूली सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, सेब किसानों के खिले चेहरे

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

हल्द्वानी/नैनीताल: नैनीताल जिले में बसंत पंचमी पर्व के अवसर पर शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली और जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में साल की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। मुक्तेश्वर, रामगढ़, धानाचूली, नाई और मनाघेर क्षेत्रों में शुक्रवार की शाम हुई बर्फबारी से तापमान में गिरावट आई, वहीं लंबे समय से बर्फ का इंतजार कर रहे सेब उत्पादक किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई शुक्रवार की शाम हुई इस साल की पहली बर्फबारी को सेब उत्पादक किसानों के लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि बर्फबारी से सेब के पौधों को आवश्यक चिलिंग आवर्स पूरे होंगे, जिससे आने वाले सीजन में सेब उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। किसानों को आशा है कि शनिवार को भी अच्छी मात्रा में बर्फबारी हो सकती है, जो बागवानी के लिए और ज्यादा फायदेमंद साबित होगी।

बारिश-बर्फबारी से रबी फसलों को भी मिलेगा संजीवनी

बर्फबारी के साथ हुई बारिश को लेकर भी किसानों में उत्साह है। कृषि जानकारों के अनुसार यह मौसम गेहूं, जौ, सरसों और हरी सब्जियों जैसी रबी फसलों के लिए बेहद उपयोगी है। मिट्टी में नमी बढ़ने से फसलों की बढ़वार बेहतर होगी और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा।

पर्वतीय इलाकों में ठंड बढ़ी, सैलानियों में उत्सुकता

बर्फबारी के बाद पर्वतीय क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। वहीं मौसम के इस बदले मिजाज ने पर्यटन स्थलों की खूबसूरती भी बढ़ा दी है। मुक्तेश्वर और रामगढ़ जैसे क्षेत्रों में बर्फ की हल्की परत ने नजारों को और मनमोहक बना दिया, जिससे सैलानियों में भी उत्सुकता देखी जा रही है।

किसानों को बेहतर फसल की उम्मीद

कुल मिलाकर, बसंत पंचमी पर हुई साल की पहली बर्फबारी को किसान प्राकृतिक वरदान मान रहे हैं। सेब बागानों से लेकर रबी फसलों तक, इस मौसम परिवर्तन से आने वाले समय में बेहतर उत्पादन और अच्छी पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है।

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