एमबीपीजी कॉलेज में सीटों को लेकर छात्रों का हंगामा, पुतला फूंका

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दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में प्रवेश और विषयवार सीटों को लेकर छात्रों का आक्रोश गुरुवार को सड़क पर उतर आया। छात्र नेता मेहुल शाह के नेतृत्व में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका और कुमाऊं विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय बार-बार रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ा रहा है, लेकिन कॉलेज पहुंचने वाले विद्यार्थियों को उनकी पसंद के प्रमुख विषयों में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। इससे छात्रों के भविष्य और करियर को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है छात्र नेता मेहुल शाह ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की ओर से बार-बार रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ाई जा रही है, लेकिन जब विद्यार्थी प्रवेश लेने कॉलेज पहुंच रहे हैं तो उन्हें ऐसे विषय लेने के लिए कहा जा रहा है, जिनमें उनके भविष्य के करियर विकल्प सीमित हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र जैसे विषयों में विद्यार्थियों की रुचि अधिक है, लेकिन सीटें सीमित होने के कारण उन्हें इन विषयों में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।मेहुल शाह ने कहा कि छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण विषयों में सीटों की संख्या बढ़ाए। उनका कहना है कि यह कुमाऊं विश्वविद्यालय को छात्रों की ओर से दिया जाने वाला तीसरा ज्ञापन होगा। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी समस्या लेकर विश्वविद्यालय भी जाएंगे, क्योंकि कॉलेज में प्रवेश के लिए पहुंच रहे विद्यार्थी निराश होकर लौट रहे हैं और छात्रों की इस परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता वहीं कॉलेज के प्राचार्य एनएस बनकोटी ने छात्रों की मांग पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राजनीति विज्ञान और इतिहास विषय में कॉलेज के लिए निर्धारित सीटें पहले ही भर चुकी हैं ऐसे में विद्यार्थियों को इन विषयों को माइनर विषय के रूप में चुनने का विकल्प दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अन्य कई विषयों में अभी सीटें रिक्त हैं, इसलिए विद्यार्थियों को उपलब्ध सीटों वाले विषयों में प्रवेश लेने की सलाह दी जा रही है। प्राचार्य ने बताया कि पूर्व में स्वीकृत सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत वृद्धि के लिए कॉलेज की ओर से प्रस्ताव तैयार कर विश्वविद्यालय को भेजा गया है। यह मामला अब राज्यपाल स्तर पर स्वीकृति के लिए लंबित है। स्वीकृति मिलने के बाद सीटों में वृद्धि होने पर प्रवेश की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी। रजिस्ट्रेशन पोर्टल बार-बार खोलने और बंद करने के सवाल पर प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि यह कॉलेज स्तर का निर्णय नहीं है। सीटों को बढ़ाने या प्रवेश पोर्टल खोलने का अधिकार विश्वविद्यालय स्तर पर है और कॉलेज इस संबंध में केवल विश्वविद्यालय से अनुरोध कर सकता है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि यदि किसी विशेष विषय में सीटें उपलब्ध नहीं हैं तो अन्य विषयों में प्रवेश लेकर उन्हें माइनर विषय के तौर पर पढ़ने का विकल्प अपनाएं। छात्रों का कहना है कि केवल वैकल्पिक विषय उपलब्ध कराना उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। वहीं कॉलेज प्रशासन का तर्क है कि विषयवार स्वीकृत सीटों की सीमा के कारण वह अपने स्तर से अतिरिक्त प्रवेश नहीं दे सकता। ऐसे में अब छात्रों की निगाहें विश्वविद्यालय और सीट बढ़ाने के प्रस्ताव पर टिकी हैं।

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