उत्तराखंड: अंकिता को न्याय दिलाने सड़कों पर उतरा विपक्ष, CBI जांच की मांग को लेकर दून में CM आवास कूच

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सीबीआई जांच और कथित वीआईपी पर कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों, राज्य आंदोलनकारी और सामाजिक संगठनों ने रविवार को राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री आवास कूच किया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंकिता हत्याकांड में सामने आ रहे नए आरोपों के बाद मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच बेहद जरूरी हो गई है। सामाजिक संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन सरकार की चुप्पी और कार्रवाई में देरी ने जनता के आक्रोश को और बढ़ा दिया है।सीएम आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को दिलाराम चौक पर पुलिस ने रोक लिया, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोंकझोंक भी हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारी हाथीबड़कला क्षेत्र में धरने पर बैठ गए और देर तक विरोध प्रदर्शन करते रहे चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय प्रवक्ता महेश जोशी ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पहाड़ की अस्मिता और देवभूमि की गरिमा से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता हत्याकांड में संलिप्त लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है और कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बावजूद सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में कराई जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों को नजरअंदाज किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।प्रदर्शन में चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संघ समिति के देहरादून अध्यक्ष विशंभर बौथियाल, चिन्हित राज्य अधिकारी सैनिक समिति की केंद्रीय अध्यक्ष सावित्री नेगी, कांग्रेस प्रदेश महामंत्री मनीष नागपाल, कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसोनी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी और जब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी, तब तक उनका संघर्ष थमने वाला नहीं है।

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