स्थाई राजधानी गैरसैंण के लिये क्रमिक अनशन का 17वाँ 76 वर्षी राज्य आंदोलनकारी गोपाल दत्त कुमेड़ी अनशन में बैठे राज्य आंदोलन के दौरान पैर में लगी दो गोलीया

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी 

 

उत्तराखण्ड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाए जाने की मांग को लेकर 18 अक्टूबर से बुद्धपार्क में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन चल रहा है आज अनशन में 76 वर्षीय राज्य आंदोलनकारी गोपाल दत्त कुमेड़ी बैठे उन्होंने कहा में 24 घंटे इस आंदोलन स्थल बुधवार के में टेंट में रहता हूं क्योंकि मुझे आंदोलन की बर्बरता से आज गुस्सा है उत्तराखंड राज्य के आंदोलन में जो बर्बरता हुई उसके हम प्रत्यक्ष है मुजफ्फरनगर गोलीबारी ने जो बर्बरता की उसमे मुझे दो गोलिया पैर में लगी और मुझे मृत्यु घोषित कर दिया गया था राज्य के लिए माता बहनों युवाओं समाज के सभी वर्गों एवं भूमिका निभाई खुलकर सड़को में आए यहां तक मां बहनों के आबरू लूटी गयीं आज भी वह मंजर याद करके बहुत दुख होता है वह टिस आज भी अंदर से झगझोड़ती है आंदोलन के दौरान एक ही सपना था हमारा राज्य बनेगा और हमारे हक हुकूक हमें मिलेगा, पलायन रुकेगा,महिलाये सुरक्षित रहेंगी मगर आज राज्य की बर्बाद हो गया है  आंदोलन का नेतृत्व कर रहें पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी ने बताया कि अभी तक टिहरी के अनिल बहुगुणा, चखुटिया भुवन कठायत, गोचोर के रमेश थपलियाल, रूद्र प्रयाग सेवानिवृत्ति इंजीनियर दयाल सिंह राणा मासी आनंद राम चमोली के दुर्गा प्रसाद, ऋषिकेश रामेश्वर शर्मा, गैरसैण के नारायण सिंह बिष्ट,कर्णप्रयाग के दान सिंह मिगवाल, दिल्ली से आये जगदीश ममगइ, मासी के आनंद राम, पिथौरागढ़ के कविन्द्र चंद दिल्ली से आये एडवोकेट भुवन चंद्र, क्रमिक अनशन पर बैठे है कल तारा दत्त पाण्डेय बैठेंगे उन्होंने ताया राज्य के कई जिलों से लगातार लोग धरना स्थल में आकर समर्थन दे रहे हैं अन्य राज्यों में रह रहे प्रवासी अभियान आंदोलन के लिए हल्द्वानी पहुंच रहे हैं अनशन को समर्थन में मासी के झूरंगा मासी अल्मोड़ा से आये पूर्व फौजी आनंद राम ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण पहाड़ के अस्तित्व, अस्मिता और संस्कृति की सुरक्षा के लिये हुआ लेकिन राज्य गठन के वर्षों बाद भी स्थायी राजधानी का प्रश्न अधूरा है उन्होंने कहा, “पहाड़ के खेत, किसान, गांव और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बचाने के लिए गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाना आवश्यक है। राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के सपनों को अब और अधूरा नहीं रखा जाना चाहिए आंदोलन को समर्थन में आये आंदोलनकारियों ने कहा राज्य के कई हिस्सों से आकर आंदोलनकारी हल्द्वानी में बैठे हैं तो अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन में आने की अपील की उन्होंने आंदोलन में हर वर्ग की भागीदारी के साथ पहाड़ की पहचान, पलायन, रोजगार और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास से जुड़े सवाल पर एक होना होगा इस दौरान ,पहाड़ी आर्मी के जिलाध्यक्ष फौजी राजेंद्र कांडपाल, प्रेमा मेर,नीमा भट्ट हरीश पनेरु , अंजू पांडे,तारा पाण्डेय,संजय बिष्ट कविता जीना , देवेंद्र सालाकोट,रजत पाटनी, दीपा दीपा आर्य मुन्नी देवी सीमा देवी ललिता देवी लता देवी हिमानी पांडे ज्योतिष्ण पांडे उषा शर्मा गजेंद्र नाथ आनंद राम शुभम जोशी दीपक जोशी तारागढ़ पांडे राजेंद्र कांडपाल आदि सैकड़ो आंदोलनकारी मौजूद रहें।

 

 

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