दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
हल्द्वानी के चोरगलिया क्षेत्र में नंधौर नदी से हो रहे तेज भूमि कटाव को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। एसडीएम हल्द्वानी राहुल शाह ने शुक्रवार को सिंचाई, वन और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ खानवाल, मुखानी खडकू, आमखेड़ा, डुबैलबीड़ा, शागुन प्लांटेशन एरिया और सुनारदड़ा बिहारी नगर समेत कई प्रभावित स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान कटाव प्रभावित इलाकों में नदी के डायवर्जन और चैनलाइजेशन की रूपरेखा तैयार की गई। एसडीएम राहुल शाह ने बताया कि जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा पहले ही सिंचाई विभाग को आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नंधौर नदी के प्रवाह को नियंत्रित करने के आदेश दिए गए हैं।निरीक्षण में अधिशासी अभियंता दिनेश रावत ने ऐसे कई स्थानों की पहचान की, जहां तत्काल डायवर्जन और चैनलाइजेशन कर निजी एवं वन भूमि को कटाव से बचाया जा सकता है। सिंचाई विभाग को निर्देश दिया गया है कि जेसीबी और पोकेलैंड मशीनों के जरिए तुरंत कार्य शुरू किया जाए और नंधौर नदी का प्रवाह कैलाश नदी की ओर मोड़ा जाए। साथ ही देवा नदी के डायवर्जन का कार्य भी प्राथमिकता से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने निरीक्षण दल को बताया कि नदी के बहाव में बहकर आए बड़े पेड़ किनारों पर अटक गए हैं, जिससे पानी का रुख बस्तियों की ओर हो गया है। इस पर वन विभाग और वन निगम को आदेश दिया गया है कि गिरे हुए पेड़ों को शीघ्र हटाकर नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बहाल किया जाए। प्रभावित गांवों में प्रशासन ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और तहसीलदार मनीषा बिष्ट ने मौके पर ही 27 प्रभावित परिवारों को अहेतुक धनराशि के चेक वितरित किए।

