दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
नैनीताल जिले में गरीबों के हक के राशन में धांधली और मिलावट का बड़ा मामला सामने आया है। सरकारी गोदामों से राशन दुकानों तक पहुंचने वाले गेहूं और चावल की घटिया गुणवत्ता की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर हुई इस अचानक छापेमारी से खाद्यान्न महकमे और राशन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन के जांच में मिलावट का मामला सामने आए हैं। जहां चावल के दो सैंपल फेल हुए हैं।
कमलुवागांजा और मंडी स्थित गोदामों पर रेड
गरीबों को मिलने वाले अनाज में मिलावट की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए डीएम के आदेश पर एक उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन किया गया। सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. वाजपेई, एसडीएम मोनिका रानी और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने पुलिस बल के साथ कमलुवागांजा और हल्द्वानी मंडी स्थित खाद्यान्न गोदामों पर अचानक धावा बोला छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीम ने गोदामों में रखे अनाज के स्टॉक का निरीक्षण किया और ऑन-द-स्पॉट राशन के सैंपल लेकर उनकी मीटर टेस्टिंग कराई। जांच के दौरान हल्द्वानी मंडी स्थित राज्य भंडारण गोदाम से लिए गए चावल के दो अलग-अलग सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे और फेल पाए गए।
दोषियों पर होगी एफआईआर
सरकारी राशन में मिलावट की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. वाजपेई ने बताया कि गरीबों के निवाले के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फेल हुए सैंपलों के आधार पर संबंधित ठेकेदारों, सप्लायरों और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी व अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।







