सुशीला तिवारी हॉस्पिटल के उपनल कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार मरीजों की फजीहत

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल डॉ सुशीला तिवारी अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में कार्यरत उपनल कर्मचारियों ने सोमवार को कार्य बहिष्कार करते हुए अस्पताल प्रबंधन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांग पूरी किए जाने की मांग किया. सुशीला तिवारी हॉस्पिटल में कार्य करीब 700 से अधिक कर्मचारियों की आज कार्य बहिष्कार करने से मरीज को भी फजीहत उठाना पड़ा. कर्मचारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि वह पिछले 20 सालों से अधिक समय से सुशीला तिवारी हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं कोविड के दौरान भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा की थी लेकिन पिछले चार महीनों से उनको अभी तक वेतन नहीं दिया गया है. कर्मचारी पूरी उम्र अपनी सेवा देते आ रहे हैं लेकिन उनको अभी तक स्थाई कर्मचारी भी नहीं बनाया गया. बहुत से कर्मचारी अब रिटायर होने की उम्र में आ चुके हैं लेकिन उनको अभी तक स्थाई भी नहीं किया गया कर्मचारियों ने आज कार्य बहिष्कार कर कहा कि उनकी मांगे अगर पूरी नहीं हुई तो जल्द बड़ा आंदोलन करेंगे. कर्मचारियों ने अस्पताल प्रशासन को चेतावनी दी है कि तीन दिन के भीतर में उनकी मांगे पूरी नहीं तो मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ अरुण जोशी का कहना है कि कर्मचारियों का करीब 4 महीने से वेतन नहीं मिला है इसको लेकर शासन स्तर पर कार्रवाई की जा रही है. इनके पद सृजित नहीं होने के चलते बजट नहीं मिला है. शासन स्तर से बजट रिलीज होते हैं कर्मचारियों को वेतन मिल जाएगा

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