दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
प्री-एसआईआर में 85 लाख में से 59 लाख मतदाताओं की बीएलओ मैपिंग पूरी, बाहर से आए वोटरों को एसआईआर का इंतजार
देहरादून।
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले चलाए गए प्री-एसआईआर अभियान के तहत बीएलओ मैपिंग का कार्य लगभग अंतिम चरण में पहुंच गया है। 10 जनवरी तक प्रदेश के कुल 85 लाख मतदाताओं में से 59 लाख की मैपिंग पूरी कर ली गई है। इन सभी मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उत्तराखंड में दर्ज थे मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उत्तराखंड में था, उन्हें आगामी एसआईआर के दौरान किसी भी प्रकार के दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। बीएलओ द्वारा ऐसे मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता भी हैं, जो वर्तमान में उत्तराखंड के वोटर हैं, लेकिन वर्ष 2003 में उनका नाम उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों की मतदाता सूची में दर्ज था। प्री-एसआईआर के दौरान इन मतदाताओं की केवल प्रारंभिक जानकारी ली गई है, जबकि ऐप के माध्यम से बीएलओ मैपिंग एसआईआर शुरू होने के बाद ही की जाएगी अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि चुनाव आयोग की ओर से उत्तराखंड में एसआईआर की घोषणा अभी नहीं हुई है। राज्य में फरवरी में एसआईआर शुरू होने की संभावना है, जिसके बाद अन्य राज्यों से आए मतदाताओं की ऐप आधारित मैपिंग की जाएगी।
एसआईआर से पहले तैयार रखें आवश्यक दस्तावेज
चुनाव विभाग ने उन मतदाताओं को सलाह दी है, जिनका मतदाता पंजीकरण वर्ष 2003 में किसी अन्य राज्य में था, वे एसआईआर से पहले अपने दस्तावेज तैयार रखें। ऐसे मतदाताओं को या तो
वर्ष 2003 के अपने मतदाता होने का प्रमाण, या
माता-पिता अथवा दादा-दादी के मतदाता होने की जानकारी
देनी होगी।
यदि यह जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 12 वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक एसआईआर फॉर्म के साथ प्रस्तुत करना होगा।



