उत्तराखंड में महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस: स्वरोजगार योजनाओं में तेजी

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दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

देहरादून: उत्तराखंड राज्य सरकार एकल महिलाओं को नौकरी और खुद का व्यवसाय शुरू करने के अवसर प्रदान करने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है। इस दिशा में, सरकार ने एकल महिला स्वरोजगार कार्यक्रम लॉन्च किया है, जिसमें पात्र महिलाओं को अपना उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी। इस नई पहल के तहत चयनित लाभार्थियों को फंड फरवरी के शुरुआती हफ्ते में वितरित किया जाएगा। फिलहाल, लाभार्थियों की अंतिम सूची को तैयार करने का काम चल रहा है सोमवार को राज्य सचिवालय में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की मंत्री रेखा आर्या ने विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि नंदा गौरा कार्यक्रम के अंतर्गत 11 जिलों में लाभार्थियों की अंतिम सूची बनाई जा चुकी है। इसमें 34,852 इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्राओं और 6,021 नवजात बालिकाओं को शामिल किया गया है। इन सभी को सहायता राशि देने के लिए फरवरी के प्रारंभिक सप्ताह में एक विशेष आयोजन किया जाएगा। साथ ही, शेष दो जिलों की सूची को शीघ्र पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।मंत्री रेखा आर्या ने आगे कहा कि एकल महिला स्वरोजगार कार्यक्रम में अब तक 504 योग्य महिलाओं की सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है, और इन्हें भी फरवरी के पहले हफ्ते में राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना में बाकी दो जिलों से कुल 331 योग्य उम्मीदवारों की सूची पर अंतिम प्रक्रिया चल रही है, जिसे जल्द समाप्त कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आंगनबाड़ी कल्याण निधि के माध्यम से सेवानिवृत्त होने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 1 अप्रैल से एक लाख रुपये की सहायता मिलेगी। इस राशि को अगले वित्तीय वर्ष में बढ़ाने की योजना पर काम हो रहा है कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने जानकारी दी कि राज्य की बुजुर्ग महिलाओं को वित्तीय, सामाजिक, स्वास्थ्य और भावनात्मक सहारा देने के लिए एक नई योजना विकसित की जा रही है। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना की रूपरेखा तय करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर बुजुर्ग महिलाओं का सर्वेक्षण किया जाए। जरूरतमंदों की प्रतिक्रिया लेने के बाद ही योजना को अंतिम आकार दिया जाएगा।

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