दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
एमआईईटी कुमायूँ में आज एक शानदार और प्रेरणादायक इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बीबीए और बीसीए के नए छात्रों का स्वागत किया गया। यह आयोजन संस्थान के छात्रों के लिए एक नई यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है, जो आने वाले वर्षों में शैक्षिक उत्कृष्टता की ओर कदम बढ़ाएंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जो भारतीय संस्कृति में ज्ञान और उज्जवल भविष्य का प्रतीक माना जाता है कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संस्थान के प्रबंध निदेशक डॉ. बी.एस. बिष्ट और कार्यकारी निदेशक महोदय उपस्थित रहे। डॉ. बी.एस. बिष्ट ने अपने प्रेरणादायक भाषण में छात्रों को उनके शैक्षिक जीवन के प्रति उत्साह और समर्पण का महत्व बताया। उन्होंने छात्रों से यह आग्रह किया कि वे न केवल शैक्षिक दृष्टिकोण से बल्कि व्यक्तिगत और सामाजिक दृष्टिकोण से भी अपने कौशल को विकसित करें। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि एमआईईटी कुमायूँ उन्हें एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां वे अपने सपनों को सच कर सकते हैं कार्यकारी निदेशक महोदय ने भी अपने संबोधन में छात्रों को अपनी पूरी क्षमता से काम करने की प्रेरणा दी और उन्हें विश्वास दिलाया कि संस्थान में उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग करके वे अपनी सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँच सकते हैं इस अवसर पर छात्रों को संस्थान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें पाठ्यक्रम, शैक्षिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ, और विभिन्न सुविधाओं की जानकारी शामिल थी। विद्यार्थियों को यह बताया गया कि कैसे वे अपनी शिक्षा के साथ-साथ अन्य कौशलों में भी वृद्धि कर सकते हैं, जैसे कि टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, और समय प्रबंधन कार्यक्रम के अंत में छात्रों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियाँ प्रस्तुत की गईं, जिन्होंने सभी उपस्थितों का मन मोह लिया। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों ने अपनी कला, संगीत, नृत्य और खेलों के प्रति उत्साह का प्रदर्शन किया। यह गतिविधियाँ न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करती हैं, बल्कि उन्हें एकजुट करने का भी काम करती हैं एमआईईटी कुमायूँ का यह इंडक्शन कार्यक्रम छात्रों के लिए एक बेहतरीन शुरुआत थी, जो उनके जीवन के महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत के रूप में याद रखा जाएगा। यह संस्थान भविष्य में छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और समग्र विकास के अवसर प्रदान करता रहेगा।

