दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
हल्द्वानी के हीरानगर में सिंचाई विभाग की भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद गहरा गया है। वार्ड-17 के पार्षद शैलेंद्र दानू के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर सार्वजनिक शौचालय बनाने की मांग की। वहीं, जिस महिला पर कब्जे का आरोप लगाया जा रहा है, उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया है।सोमवार को हीरानगर क्षेत्र में स्थानीय लोग पार्षद शैलेंद्र दानू के नेतृत्व में सड़क पर उतर आए प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ब्रिटिशकालीन पनचक्की की जमीन पर अतिक्रमण कर भवन खड़ा कर दिया गया है। उनका कहना है कि पूर्व जिलाधिकारी वंदना सिंह ने इस स्थान पर सार्वजनिक शौचालय बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब वहां कथित रूप से कब्जा कर लिया गया है।प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, फुटपाथ खाली कराने और रेहड़ी-पटरी संचालकों को वेंडर जोन में स्थानांतरित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा मामले पर एसडीएम हल्द्वानी मोनिका ने बताया कि पार्षद की ओर से शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर राजस्व और संबंधित विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। जांच रिपोर्ट और अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी वहीं, आरोपों के घेरे में आईं दीप्ति तिवारी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नहीं किया है और उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई साक्ष्य है तो उसे प्रशासन के सामने प्रस्तुत किया जाए, वह जांच में पूरा सहयोग करेंगी फिलहाल मामला प्रशासन की जांच के दायरे में है। अब यह देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस विवाद पर क्या कार्रवाई करता है।




