दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
बदलते तकनीकी दौर में अब केवल डिग्री नहीं बल्कि स्किल और इंडस्ट्री एक्सपोज़र युवाओं के भविष्य की नई पहचान बन रहे हैं। उत्तराखंड खासकर हल्द्वानी और कुमाऊं के युवाओं के लिए अब वैश्विक अवसरों का नया रास्ता खुलने जा रहा है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने दावा किया है कि उसके एआई आधारित स्मार्ट कैंपस और एडवांस्ड रिसर्च इकोसिस्टम के जरिए क्षेत्र के युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे हल्द्वानी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी के डीन साइंसेज़ डॉ. हिमांशु त्रिपाठी ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को अब उच्च तकनीक और बेहतरीन कॉर्पोरेट एक्सपोज़र के लिए महानगरों का रुख करने की जरूरत नहीं पड़ेगी करीब 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित इस हाइटेक स्मार्ट कैंपस में छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस जैसी आधुनिक तकनीकों की शिक्षा दी जाएगी यूनिवर्सिटी ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी 23 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ एमओयू किए हैं, ताकि छात्रों को लाइव प्रोजेक्ट और कॉर्पोरेट अनुभव का लाभ मिल सके शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 68 विशेष प्रोग्राम लॉन्च किए गए हैं जिनमें अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और लेटरल एंट्री प्रोग्राम शामिल हैं। साथ ही छात्रों के लिए 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप का प्रावधान भी किया गया है इनोवेशन और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए कैंपस टैंक और सीयू एआई स्पेस जैसी पहल भी शुरू की गई हैं जिनका उद्देश्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।



