दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
देहरादून – अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर सोमवार को देहरादून के परेड मैदान में न्याय यात्रा के तहत महापंचायत का आयोजन किया गया। संयुक्त संघर्ष मंच और विभिन्न सामाजिक संगठनों के आह्वान पर आयोजित महापंचायत में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।महापंचायत में अंकिता भंडारी के माता-पिता के साथ ही उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी पहुंचे। इस दौरान वक्ताओं ने हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग करते हुए कहा कि जब तक प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।महापंचायत में पांच प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। प्रस्तावों में कहा गया कि यदि पंद्रह दिनों के भीतर पीड़ित परिवार की शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा महापंचायत आयोजित कर राष्ट्रपति से मुलाकात की जाएगी। इसके साथ ही अंकिता के माता-पिता द्वारा दिए गए शिकायती पत्र को ही सीबीआई जांच के लिए आधार मानने की मांग की गई।इसके अलावा पर्यावरणविद् अनिल जोशी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर को निरस्त करने और एक भाजपा नेता को जांच के दायरे में लाकर पार्टी से निष्कासित करने की मांग भी प्रस्तावों में शामिल रही। महापंचायत के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन वक्ताओं के तेवर सरकार और जांच एजेंसियों के प्रति सख्त नजर आए।

