दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल को डॉक्टरों की कमी के बीच बड़ी राहत मिली है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में विभिन्न विभागों के लिए 11 डॉक्टरों का चयन कर लिया गया है। इनमें सुपर स्पेशियलिटी विभाग के चिकित्सक भी शामिल हैं। कॉलेज प्रशासन को उम्मीद है कि इन नियुक्तियों से चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और लंबे समय से प्रस्तावित कैथलैब (कैथेटराइजेशन लैब) का संचालन भी जल्द शुरू किया जा सकेगा मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की कमी के कारण कई विभागों में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। नए डॉक्टरों की नियुक्ति से अब अस्पताल की उपचार क्षमता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर विशेषज्ञ सेवाएं मिल पाएंगी।
कई विभागों के लिए हुए साक्षात्कार
चयन प्रक्रिया के तहत कई विभागों के लिए साक्षात्कार आयोजित किए गए। इनमें माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी और जनरल सर्जरी विभागों में एक-एक पद के लिए अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू दिया। वहीं बाल रोग विभाग में दो तथा स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में तीन अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार में भाग लिया।इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी विभाग कार्डियोलॉजी में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए भी एक अभ्यर्थी ने साक्षात्कार दिया। वहीं एसोसिएट प्रोफेसर पदों के लिए एनेस्थीसिया और चर्म रोग विभाग में एक-एक अभ्यर्थी ने इंटरव्यू दिया।
वरिष्ठ विशेषज्ञों की निगरानी में हुई चयन प्रक्रिया
साक्षात्कार प्रक्रिया में हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय, देहरादून की कुलपति प्रो. डॉ. भानु दुग्गल वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं। वहीं चिकित्सा शिक्षा विभाग देहरादून के निदेशक डॉ. अजय आर्या और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल ने मौके पर मौजूद रहकर अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया।
मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज
कॉलेज प्रशासन के अनुसार विभिन्न शहरों से कुल 11 अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार में भाग लिया, जिनका चयन होने के बाद कॉलेज में फैकल्टी की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी।प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल ने बताया कि नए डॉक्टरों की नियुक्ति से अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं मजबूत होंगी और मरीजों को विशेषज्ञ इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही लंबे समय से प्रस्तावित कैथलैब शुरू करने की दिशा में भी तेजी आएगी, जिससे हृदय रोगियों को हल्द्वानी में ही आधुनिक उपचार की सुविधा मिल सकेगी।





