संजीव चतुर्वेदी की याचिका से CAT के न्यायिक सदस्य ने खुद को किया अलग, 17वें जज के रिक्यूजल की चर्चा

दीपक अधिकारी

हल्द्वानी

21 सितंबर के आदेश में अलग होने का उल्लेख, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं; नवंबर 2021 के APAR आदेश को दी गई है चुनौती

नैनीताल। उत्तराखंड कैडर के आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी से जुड़े मामलों में न्यायाधीशों के सुनवाई से अलग होने का सिलसिला एक बार फिर चर्चा में है। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) की दिल्ली पीठ के न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति राजवीर सिंह वर्मा ने संजीव चतुर्वेदी की ओर से दायर एक याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। 21 सितंबर को जारी आदेश के अनुसार, मामले की कुछ देर सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति राजवीर सिंह वर्मा ने स्वयं को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया। आदेश में हालांकि इस निर्णय के पीछे कोई विशेष कारण दर्ज नहीं किया गया है। इसके बाद मामले को आगे की सुनवाई के लिए दूसरी उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किए जाने का रास्ता साफ हो गया है।

नवंबर 2021 के आदेश को दी गई है चुनौती

मामला उत्तराखंड सरकार की ओर से नवंबर 2021 में जारी उस आदेश से संबंधित है, जिसमें भारतीय वन सेवा अधिकारियों की अप्रेजल रिपोर्ट यानी प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) के चैनल से जुड़ी व्यवस्था निर्धारित की गई थी। संजीव चतुर्वेदी ने इस आदेश को चुनौती देते हुए CAT का रुख किया है। सुनवाई के दौरान चतुर्वेदी ने स्वयं अपना पक्ष रखा और APAR स्वीकार करने वाले, रिपोर्टिंग तथा समीक्षा करने वाले प्राधिकारियों से संबंधित प्रावधानों का हवाला दिया। CAT के समक्ष दाखिल मूल आवेदन को लेकर रजिस्ट्री की कुछ आपत्तियां भी लंबित बताई गई हैं।

अब तक 17 जजों के अलग होने का दावा

इस नए घटनाक्रम के बाद संजीव चतुर्वेदी से जुड़े मामलों की सुनवाई से अब तक 17 न्यायाधीशों/न्यायिक सदस्यों के अलग होने की चर्चा है। यह आंकड़ा चतुर्वेदी की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के दो न्यायाधीश, नैनीताल हाईकोर्ट के चार न्यायाधीश, CAT के अध्यक्ष समेत नौ सदस्य और जिला न्यायपालिका के दो न्यायाधीश शामिल बताए गए हैं। हालांकि, अलग-अलग मामलों में न्यायाधीशों के रिक्यूजल के कारण अलग हो सकते हैं और मौजूदा आदेश में भी न्यायमूर्ति राजवीर सिंह वर्मा के अलग होने की कोई वजह दर्ज नहीं है।

ACR मामले में भी CAT में चल रही सुनवाई

संजीव चतुर्वेदी से जुड़ा एक अन्य मामला उनकी वित्तीय वर्ष 2024-25 की ACR/APAR ग्रेडिंग से संबंधित है। जून 2026 में इस मामले में CAT ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। चतुर्वेदी ने अपनी ग्रेडिंग कम किए जाने को चुनौती दी है फिलहाल नवंबर 2021 के APAR चैनल संबंधी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। न्यायमूर्ति राजवीर सिंह वर्मा के अलग होने के बाद अब मामले की आगे की सुनवाई दूसरी पीठ के समक्ष होगी।

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